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Bihar Board 12Class English Summary

Bihar Board 12th English Book Summary (Hindi and English) Mr. Sikandar Bihari Mo. 8935980897[wp_ad_camp_1]
Summary of ‘Indian Civilization and Culture’ By Mahatma Gandhi
→ Indian Civilization and Culture
“Indian Civilization and Culture’ is an essay that presents the ideas of Mahatma Gandhi about the Indian
civilization and culture. He compares the Indian or the ancient civilization with the Western or the
modern civilization. He says that Indian civilization develops morality while Western civilization spreads
immorality. Our civilization can teach the world, therefore, we need not copy the Western civilization.
Our ancestors advised us to maintain distance from the use of machinery because the use of machinery
may paralyse our hands and feet. They suggested resisting our wants to lead a happy life. Our
Civilization is still alive while the other civilizations of the world died. Therefore, in Gandhiji’s words if we
want our India to rise and shine, we should always value the glory and dignity of our civilization and
culture. There is no match for it in this world where a mad rush for materials has deadened the mind of
people
→इंडियन डिडिलाइजेशन एण्ि कल्चर
‘इंडियन डिडिलाइजेशन एण्ि कल्चर’ एक डनबंध है जो प्रस्तुत करता है महात्मा गााँधी के डिचारों को भारतीय िभ्यता और िंस्कृ डत
के बारे में। िो भारतीय या प्राचीन िभ्यता की तुलना करते हैं पडिमी या आधुडनक िभ्यता िे। दो कहते हैं कक भारतीय िभ्यता
नैडतकता को डिकडित करती है जबकक पडिमी िभ्यता अनैडतकता को फै लाती है। हमारी िभ्यता दुडनया को पढा िकता है, इिडलए
हमलोगों को पडिमी िभ्यता की नकल करने की आिश्यकता नहीं है। हमारे पूिवजों ने हमलोगों को िुझाि कदया मशीनरी के इस्तेमाल
िे दूर रहने के डलए क्योंकक मशीनरी का इस्तेमाल हमारे हाथों और पािों में लकिा ला िकता है। उनलोगों ने– – िझाया इच्छाओं
पर प्रडतबन्ध खुश जीिन जीने के डलए। हमारी िभ्यता अभी भी जीडित है जबकक दूिरी िभ्यताएाँ दडनया की नष्ट हो गयी। इिडलए.-
गााँधीजी के शब्दों में, अगर हम अपने भारत को ऊाँ चाई पर चमकना देखना चाहते हैं, हमें हमेशा अहडमयत देना होगा गौरि और
िम्मान को हमारी िभ्यता और िंस्कृ डत का इिका कोई जोड़ नहीं है, इि दुडनया में जहााँ एक पागल दौड़ भौडतकता के डलए, लोगों के
मडस्तष्क को मृत कर दी है।

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Summary of ‘Bharat Is My Home’ By Dr. Zakir Hussain
→Bharat is My Home
Bharat is My Home’ is the part of the speech delivered by Dr. Zakir Hussain just after taking the oath as
the President of India. He thanks the people of the country who have considered him able for this
highest office of the nation. He then pledges himself to the loyalty of our country and its people
irrespective of caste, creed and language. He says India is his home and its people his family members.
He asks the people to come forward and help him in the-great. task-of building the character of our
nation. He says self development is first necessary to ensure the development of the society. He
believes the past is alive and dynamic, it is not dead. It decides the quality of the present and the
prospect of our future. Education is the most important element in determining the quality of a nation.
He calls for dedicated work towards the overall development of our country to make it a prosperous
place to live in.
→भारत इज माई होम ‘
भारत इज माई होम’ भाषण का एक डहस्िा है िॉ जाकीर हुिैन के द्वारा कदया हुआ ठीक बाद शपथ ग्रहण कर लेने के भारत के
राष्ट्रपडत के रुप में। िो देश के लोगों को धन्यिाद देते हैं डजन्होंने उन्हें िक्षम िमझा राष्ट्र के इि ििोच्च कायावलय के डलए। िो तब खुद
शपथ लेते हैं िफादारी की हमारे देश के और इिके लोचाव के प्रडत बगैर डिभेद ककये हए जाडत, धमव और भाषा में। िो कहते हैं भारत
मेरा घर है और इिके लोग उनके पररिार के िदस्य। िो लोगों िे आह्िान करते हैं आने के डलए आगे और मदद करने के डलए उनको
हमारे देश के आचरण के महान डनमावण कायव में। िो कहते हैं अपना डिकाि पहले जरूरी है मडनडित करने के डलए िमाज के डिकाि
को। िो मानते हैं भूत जजंदा होता है और गडतशील होता है, यह मृत नहीं होता है। यह ितवमान की गुणिता को डनधावररत करता है और
भडिष्य की िंभािना को। डशक्षा िबिे महत्िपूणव तत्ि है डनधावररत करने में राष्ट्र की गुणिता को। िो चाहते हैं िमर्पवत काम हमारे देश
के चहमखी डिकाि के डलए, बनाने के डलए इिे िमृद्ध जगह रहने के डलए।

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→Summary of ‘A Pinch of Snuff By Manohar Malgaonkar
A Pinch of Snuff
A Pinch of Snuff is a very funny story written by an Indian writer Manohar Malgaonkar. It is in an
autobiographical form. The writer explains the character of his maternal uncle Nanukaka. He always tells
a lie. He cheats others in his own peculiar way. He comes to Delhi at his sister’s. He travels second class
carriage at third class ticket. He is caught by the ticket checker. He manages this problem easily. He
wants to meet Sohanlal who is a very powerful political personality. He speaks so high of him that
Sohanlal himself likes to meet him. He does not get the appointment to see a minister. He thinks of a
plan to fulfil this aim. He cheats a motor dealer. He takes his royal car to serve his evil purpose. He
succeeds in doing so. The minister himself comes to meet him at his residence. The story is full of
humour and seems very real.
अ डपन्च ऑफ स्नफ ‘
अ डपन्च ऑफ स्नफ’ एक बहुत ही हास्यास्पद कहानी है जो एक भारतीय लेखक मनोहर मलगांिकर के द्वारा डलडखत है। यह एक
आत्मकथा के रुप में है। लेखक अपने मामा नानकाका का ककरदार व्याख्या करता है। िो हमेशा झुठ बोलते हैं। िो दूिरों को ठगते हैं
अपने अनोखे अंदाज में। िो कदल्ली अपनी बहन के यहााँ आते हैं। िो दूिरे दजे में यात्रा करते हैं तीिरे दजे की रिकि पर। िो रिकि
चेकर के द्वारा पकड़े जाते हैं। िो इि िमस्या को आिानी िे हल कर लेते हैं। िो िोहनलाल िे डमलना चाहते हैं जो एक बहुत
शडिशाली राजनीडतक हस्ती हैं। िो अपने बारे में इतनी ऊाँ ची हााँकते हैं कक िोहनलाल खुद ही उनिे डमलना चाहता है। उन्हें एक मंत्री
िे डमलनेका िमय नहीं डमल पाता है। िो अपने इि उद्देश्य को पूरा करने की योजना बनाते हैं। िो एक कार डिक्रे ता को उल्लू बनाते
हैं। िो उिकी शाही कार ले लेते हैं, अपने बुरे उद्देश्य को पूरा करने के डलए। उन्हें ऐिा करने में िफलता भी डमल जाती है। मंत्री खुद
ही उनिे डमलने उनके डनिाि पर आ जाता है। कहानी हास्य िे पूरी भरी हुई है और िास्तडिक प्रडतत होती है।

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Summary of ‘I Have A Dream’ By Martin Luther King, Jr.
I Have A Dream
‘I Have a Dream’ is a speech delivered by Martin Luther King, Jr. on the steps of the Lincoln Memorial in
Washington DC on August 28, 1963. Here, he speaks about his dream of seeing America as a developed
country. He wants his country free from racial distinction between the whites and the blacks. The
speech brings a great change in the country. King himself establishes as one of the greatest orators of
the world. In his speech he requests his audience to maintain peace and conduct their movement with
dignity. He reminds the authority his promises that were made one hundred years ago. He presents the
poor and bad condition of the Negro slaves. They live in slums and ghettos. They are deprived of their
right to vote. They are cruelly treated by the police. They have lost all hopes of life. He demands that
they must be now provided with their right in America is to be a great nation.
आइ हैि अ ड्रीम’
‘आइ हैि अ ड्रीम’ एक भाषण है जो मार्िवन लूथर ककं ग जूडनयर के द्वारा कदया गया है जलंकन मेमोररयल (स्मारक) पर िॉजशंग्िन
िी०िी० में 28 अगस्त 1963 को। यहााँ िो बोलते हैं अपने िपने के बारे में अमेररका को एक डिकडित राष्ट्र के रुप में देखने का। िो
चाहते हैं यह देश आजाद हो जाये जाडतय भेदभाि िे गोरों और कालों के बीच के । यह भाषण देश में एक बहत बड़ा बदलाि लाता है।
ककं ग खुद को दुडनया के महानतम ििाओं में िे एक के रुप में स्थाडपत कर लेते हैं। अपने भाषण में िो डिनती करते हैं अपने श्रोताओं
िे शांडत बनाये रखने के डलए और अपने आंदोलन को िम्मान के िाथ जारी रखने के डलए। िो अडधकाररयों को याद कदलाते हैं उनके
िादों को जो एक िौ िषव पहले ककये गये थे। िो प्रस्तुत करते हैं गरीब और बुरी अिस्था को डननो गलामों की। िे झुग्गी-झोपडियों में
रहते हैं। िे अपने मतदान करने के अडधकार िे िंडचत हैं। उनके िाथ पुडलि करता िे पेश आती है। िो जीिन की िभी उम्मीदों को
गिााँ कदये हैं। िो मााँग करते हैं कक उन्हें उनका अडधकार डमलना चाडहए अगर अमेररका को एक महान राष्ट्र बनना है।[wp_ad_camp_2]
Summary of ‘Ideas That Have Helped Mankind’ By Bertrand Russell
Ideas
Bertrand Russell in his essay named ‘Ideas That Have Helped Mankind’ discusses some factors that
helped mankind to develop. The increasing number of the people must have been the first factor for
their development. The second most important advantage, the man had over other animals, was his
intelligence that he could hand on from generation to generation. Man had some inborn skills and some
more he acquired during his own life. This very quality of man made him, over a period of time, very
developed and civilized from that of other animals and he became man. Man thought and established
himself different from other animals. He developed two types of ideas first relating to knowledge and
technique and second relating to moral and politics. The discovery of fire, cultivation, domestication of
animals and the art of writing were just the beginning in his becoming the master of the world.
आइडियाज दैि हैि हेल्पड़ मैनकाइन्ि- बरिांि रिेल
‘आइडियाज दैि हैि हेल्पि मैनकाइन्ि’ नामक डनबंध में िणवन करते हैं कुछ तत्िों की जो मानि के डिकाि में मदद ककये। बढती हुई
जनिंख्या लोगों कक जरूर पहला कारण रहा होगा उनके डिकाि का। दूिरा िबिे महत्िपूणव फायदा, इंिान को दूिरे जानिरों की
तुलना में था उिकी बदडधमता जो िह िौंप कदया एक पीढी िे दूिरी पीढी को। इंिान के पाि कु छ जन्मजात कु शलताएाँ थीं और कु छ
और िह अपने जीिन काल में हाडिल करता गया। यह एक महत्िपूणव गण इंिान का उिे बना कदया, एक कलांतर में, बहत डिकडित
और िभ्य दूिरे जानिरों की तुलना में और िह आदमी बन गया। आदमी िोंचा और अपने आप को स्थाडपत कर डलया अलग दुिरे
जानिरों िे। उिने दो प्रकार के डिचारों को डिकडित ककया, प्रथम ज्ञान और प्रदयोडगकी िे िंबंडधत और दिरा नैडतकता और
राजनीडत िे िंबंडधत। आग की खोज, डिचाई, जानिरों का पालना और लेखन की कला तो बि शुरुआत थी उिके इि दुडनया के
माडलक बनने की।[wp_ad_camp_3]
Summary of ‘The Artist By Shiga Naoya
→The Artist
‘The Artist’ is a very fine short story written by a Japanese writer Shiga Naoya. It shows a world in which
a talent of twelve years old boy named Seibei is damaged by his father and his teacher. Seibei has an art
of making rare things out of gourds. These inte things, which are generally sold in curio shops, are
priceless. Seibei is strongly interested in his work. He converts a simple gourd into a priceless curio. His
one gourd that he buys in ten sen only, after working on it, it is sold in 600 yen. His art is not seen by his
parents and his teacher. They beat him for his working on the gourds. Seibei gives it up. He does not get
attention for his new on painting too. In this way the story shows the damage that adults’ world does to
a world of young.
→द आिीस्ि
‘द आिीस्ि’ एक बहुत- िुंदर छोिी कहानी है जो एक जपानी लेखक शीगा नायो के द्वारा डलडखत है। ये दशावती है एक ऐिी दुडनया
डजिमें िेबी नामक बारह . एक लड़के की प्रतीभा की उिके डपता और उिके डशक्षक के द्वारा तबाह कर कदया जाता है। िेबी के पाि
कदुओं िे अदभूत चीजें बनाने की कला है। ये डनरतः चीजें, जो िामान्यतः कलाकृ डत की दुकानों पर बेची जाती हैं, बहुमूल्य होती हैं।
िेबी अपने इि काम में गहरी रुची रखता है। िह एक िीधे-िाधे कद को बहमूल्य कलाकृ डत में पररिर्तवत कर देता है। उिका एक कदद
जो िो मात्र दि पैिे में खरीदता है, उि पर काम करने के बाद, उिे छ: िौ रूपये में बेच कदया जाताना उिकी ये कला उिके माता-
डपता और डशक्षक के द्वारा नहीं िमझी जाती है। िे उिे पीिते हैं उिके कदद पर काम करने को लेकर। िेबी यह छोि देता। पर ध्यान
नहीं कदया जाता है उिकी नई पेंिींग की कला पर भी। इि तरह िे कहानी उि नुकिान को कदखलाती है जो व्यस्क लोगों की दडनया
बच्चों की दुडनया पर थोप देती है।[wp_ad_camp_1]
Summary of ‘The Earth’ द अथव/ (जमीन) By H. E. Bates /एच० इ० बेिि/
→The Earth
‘The Earth’ is a very fine story written by an English writer H. E. Bales. It is the story of a farmer named
Johnson. He is thrown out of his house by his own son named Benjy. Benjy is a simple minded son. His
parents all the time worry about his well being. They take him to a doctor. He suggests them to help him
start a business of his own. They help him start his business of poultry farming. Benjy works hard and
becomes a very rich person of the area. He marries a girl named Florence against the wishes of his
parents. The house, in which they live in, is bought by Benjy. Benjy compels his parents to shift their
room in which they have slept all their lives. One day, he drives them away from the house too. Benjy’s
father and mother are left alone on an unfamiliar road to help themselves.
→द अथव
‘द अथव’ एक बहुत िुंदर कहानी है, जो एक अंग्रजी (इंग्लैंि के ) लेखक एच० इ० बेट्ि के द्वारा डलडखत है। यह जॉन्िन नामक एक
ककिान की कहानी है। िह अपने घर िे बाहर डनकाल कदया जाता है अपने ही बेिे के द्वारा डजिका नाम बेंजी है। बेंजी एक मंद-बुडद्ध
लड़का है। उिके माता-डपता हमेशा उिके कल्याण को लेकर जचंडतत रहते हैं। िे लोग उिे एक िॉक्िर के पाि ले जाते हैं। िो उनको
िुझाि देता है कक िे उिे उिका एक अपना व्यििाय शुरु करने में मदद करें। िो लोग उिे उिका मगी पालन का व्यििाय शुरु करने
में मदद करते हैं। बेंजी कठीन परीश्रम करता है और उि इलाके का एक बहुत धनी व्यडि बन जाता है। िह फ्लोरेंि नामक लड़की िे
अपने माता-डपता के डिरुद्ध जाकर शादी करता है। घर, डजिमें िो लोग रहते हैं, बेंजी के द्वारा खरीद डलया जाता है। बेंजी अपने माता
डपता को अपना िो कमरा छोड़ने को डििश कर देता है डजिमें िो अपनी पूरी जजंदगी िोते रहे हैं। एक कदन, िो उन्हें घर िे भी बाहर
डनकाल देता है। बैंजो के माता-डपता अके ले एक अनजान िड़क पर रह जाते हैं, अपने खुद के भरोिे।
Summary of ‘India through a Traveller’s Eyes’ By Pearl S. Buck ‘

India through A Traveller’s Eye’ is a very fine travelogue by an American authoress Pearl S. Buck. She
praises Indians because of their willingness to pay the full price for faith. She says she has known a lot
about this country through her parents since childhood. She once visits India to listen to its two classes
of people; the young intellectuals in the cities and the peasants in villages. The young intellectuals are
found restless and defeated. They feel that the English have cheated them. The peasants in the villages
are seen very poor and their children suffering from malnutrition. The villagers have great respect for
their religion. In India, the life-span is only twenty seven years. Everywhere only the English are to be
blamed for. In Indian villages, she finds that the leadership can be continued only by the person who is
not self-seeking.
→इंडिया थ्रू अ ट्रैिलिव आइ
इंडिया थ्रू अ ट्रैिलिव आइ एक बहुत खुबिूरत यात्रा िृतांत है, अमेररकन लेडखका डपयलव एि. बक के द्वारा. िो भारतीयों की प्रशंिा
करती है कारणिश उनकी इच्छाशडि के डलए कक िे डिश्वाि के डलए पूणव कीमत चुकाते हैं। िो कहती हैं, िो जानती है बहुत कु छ इि
देश के बारे में अपने माता-डपता के माध्यम िे बचपन िे ही। िो एक बार भारत भ्रमण पर आती हैं दो िगव के लोगों को िुनने के डलए;
युिा प्रबुद्ध िगव नगरों में और कृ षक िगव गााँिों में। युिा प्रबुद्ध बैचैन और हारा हुआ पाया जाता है। उनका मानना है कक अंग्रेजों ने उनके
िाथ धोखा ककया है। कृ षक िगव गााँिों में बहुत गरीब देखे जाते हैं और उनके बच्चे कु पोषण के डशकार हैं। गााँििालों को काफी आदर है
अपने धमव के प्रडत। भारत में, औितन जीिन काल मात्र िताइि िषव है। हर जगह डिफव अंग्रेजों को ही दोषी ठहराया जाता है।
भारतीय गााँिों में, िो पाती हैं कक नेतागीरी डिफव उिी व्यडि के द्वारा जारी रखी जा िकती है जो स्िाथी नहीं होता है।[wp_ad_camp_3]
Summary of ‘A Marriage Proposal By Anton Chekhov

‘A Marriage Proposal’ is a very fine drama written by a Russian writer Anton Chekhov. Il presents a true
picture of a village life. It presents a character Lomov that is hypochondriac. His mental illness creates
trouble for him. He plans to propose to a girl Natalia who already loves him secretly. The trouble begins
when he reaches her house to ask for her hand in marriage. The girl’s father Choobookov is very happy
to hear the news but Lomov is misunderstood by the girl. The girl after some talk quarrels with him on
an issue of a piece of land. Natalia insults Lomov and he leaves the place hopelessly. When Natalia
comes to know that he had come to propose to her, she behaves madly and recalls him. They quarrel
again this time on the matter of their dogs. In the last scene, Natalia’s father takes the matter seriously
and joins Lomov’s hand with Natalia’s and there comes a happy end.
→अ मैररज प्रपोजल
‘अ मैररज प्रपोजल’ एक बहुत शानदार नािक है, रुि के लेखक एंिॉन चेकोभ के द्वारा डलडखत। यह एक िच्ची तस्िीर पेश करता है
ग्रामीण जीिन की। यह प्रस्तुत करता है एक ककरदार लामोभ जो िनकी है। उिकी मानडिक पीड़ा उिके डलए िमस्या पैदा कर देती
है। िह योजना बनाता है शादी का प्रस्ताि देने की एक लड़की निैडलया को जो पहले िे ही उिे गुप्त रुप िे प्रेम करती है। िमस्या शुरु
होती है जब िह उिके घर पहाँचता है उिका हाथ मााँगने शादी के िास्ते। लड़की का डपता चषकोभ बहत खुश होता है यह िमाचार
पाकर लेककन लोमोभ गलतफहलमो का डशकार हो जाता है लड़की के दिारा। लड़की कछ बात-चीत करने के बाद लड़ बैठती है उिके
िाथ, जमीन के िुकड़े का मुद्दा लेकर। निैडलया लोमोभ को अपमाडनत करती है और िह जगह छोड़कर आशाडिडहन होकर चला जाता
है। जब निैडलया को मालम होता है कक िह उिे शादी का प्रस्ताि देने के डलये आया था, िह पागल की तरह व्यिहार करती है और
उिे पनः बलिाती है। िे लोग कफर लड़ बैठते हैं इि िि अपने कृ तों के मामलों पर। अंडतम दृश्य में, नडलया का डपता मामले को
गंभीरता िे लेते हैं और लोमोभ का हाथ निैडलया के हाथों में रख देते हैं और एक खुश िमापन डमलता है।[wp_ad_camp_1]
Summary of ‘An Epitaph’
‘An Epitaph is written by an English poet Walter de la Mare. The poet expresses his sad feeling for an
empty epitaph of a lady. The lady belongs to the West Country. He considers her the most beautiful and
charming lady. But, the poet feels, the beauty even the rarest beauty also dies with the person. There is
no one to remember this beauty after the person dies. People see good work left behind by a person.
Citation of these pieces of work adds to the beauty of an epitaph.
→ऐन एपीिाफ
ऐन एपीिाफ’ एक अंग्रजी कडि िॉल्िर िे ला मेयर के द्वारा डलडखत है। कडि एक मडहला के खाली एपीिाफ को लेकर अपनी दुखद
भािना को जताता है। िो मडहला िेस्ि कन्ट्री की है। िो उिे िबिे खूबिूरत और आकषवक मडहला मानता है। लेककन, कडि का मानना
है खुबिुरती, चाहे िो डिरल िे डिरल ही क्यों न हो, व्यडि के िाथ मर जाती है। इि खुबिुरती को कोई याद नहीं करता है, व्यडि के
मर जाने के बाद। लोग अच्छे काम देखते हैं जो एक व्यडि अपने पीछे छोि जाता है। इन कायो की चचाव एपीिाफ की खुबिुरती को
बढाती है।[wp_ad_camp_2]
Summary of ‘The Soldier’

‘The Soldier’ is a patriotic sonnet written by an English war poet Rupert Brooke. It presents a fine feeling
of a soldier. He does not see the war as a harrowing event, but as a glorious sacrifice. He says every
English soldier is protected and glorified by English beauty. Soldiers actually never die for their
motherland. They gel peace and comfort under the heavenly existence of their country. Their
motherland feels proud of them and always remembers them. The poem has universal tone.
→द िोल्जर
‘द िोल्जर’ एक देशभडि चौदह पंडियो की कडिता है जो एक अंग्रेजी (इंग्लैंि के ) युद्ध कडि रुपिव बुक के दिारा डलडखत है। यह एक
िैडनक की अच्छी भािना को प्रस्तुत करती है। िो युद्ध को िरािनी घिना के रूप में नहीं देखता है, बडल्क एक गौरिपणव त्याग के रुप
में देखता है। िो कहता है प्रत्यक अंग्रेजी िैडनक अंग्रेजी खूबिूरती िे िुरडक्षत एिं गौरिप्राप्त है । िैडनक िास्ति में अपने मातृभूडम के
डलए कभी मरते नहीं हैं। उन्हेंशांडत और राहत उनके देश के स्िनीय डनिाि के तले प्राप्त होती है। उनकी मातृभूडम उनपर गिव करती
है और उन्हें हमेशा याद करती है। कडिता में ििवभौडमक िंचार हैं।

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Summary of ‘Macavity: The Mystery Cat’

“Macavity: The Mystery Cat’ is written by an English poet T. S. Eliot. The poet calls Macavity, a mystery
cat because it is never found at the place of crime. It seems every time Macavity commits the crime. The
poet’s impression of Macavity is very powerful. He compares it to Napoleon. He is powerful, energetic,
intelligent and negligent of his outward look. He is outwardly respectable because his footprints are not
found in any criminal record of Scotland. People say he cheals at cards.
मकै चीिी: द मीस्ट्री कै ि
‘मकै िीिी: द मीस्ट्री कै ि’ एक अंग्रेजी कडि िी. एि. एडलएि के द्वारा डलडखत है। कडि मकै बीिी को रहस्यमयी डबल्ली कहता है,
क्योंकक इिे कभी भी अपराध के स्थल पर नहीं पाया जाता है। ऐिा प्रतीत होता है हर िि मकै िीिी हीं अपराध को अंजाम देती है।
कडि का प्रभाि मकै िीिी को लेकर बहत शडिशाली है। िो इिकी तुलना नेपोडलयन िे कर देता है। िह शडिशाली, ऊजाविान,
बुडद्धमान और अपने बाहरी हडलए िे अनडभज्ञ है। िह बाहर िे िम्माडनत है, क्योंकक उिके पदडचन्ह स्कॉिलैंि के ककिी भी अपराडधक
दस्तािेज में दजव नहीं है। लोगों का कहना है िो अंदर ही अंदर चाल चलता है।[wp_ad_camp_1]
Summary of ‘Fire-Hymn’

‘Fire-Hymn’ is written by an Indian poet Keki N. Daruwala. Il describes a scene of a ghat where dead
bodies are burnt. The fire leaves the bodies half burnt. Poet’s father underestimates the rites of one
religion. He shows superiority of his own religion. At this, the poet is hurt. He breaks the boundary of his
own religion. He performs the last rites of his child going against the demand of his religion. He swears
to end differences among religions:
→फायर-हीम
‘फायर-हीम’ एक भारतीय कडि के की० एन० दारुिाला केद्वारा डलडखत है। यह शमशान घाि के एक दृश्य को िणवन करती है, जहााँ
मदै जलाये जाते हैं। आग मत – शरीरों को अध-जला छोड़ती है। कडि के डपता एक धमव डिशेष के अंडतम िंस्कार को नीचा कदखाते हैं।
िो अपने धमव की िररष्ठता को जताते हैं। इि पर कडि को चोि पहुाँचती है। िो अपनी धमव की िीमा को तोड़ देता है। िो अपने बेिे का
अंडतम िंस्कार अपने धमव के डिरुदध जा कर करता है। िो धमों के बीच मतभेदों को िमाप्त करने की किम खाता है।[wp_ad_camp_2]
Summary of ‘Snake’

‘Snake’ is written by an English poet D. H. Lawrence. In this poem, he curses human education that
compels him to kill an innocent snake. A snake comes to a water trough to drink water in the hottest
noon of summer. The poet goes through many questions whether to kill it or not. The poet’s knowledge
forces him to kill it after it drinks water and tries to return. But, immediately after this act of killing he
regrets a lot…
→स्नेक
‘स्नेक’ एक अंग्रेजी (इंग्लैंि के ) कडि िी० एच० लॉरेन्ि के द्वारा डलडखत है। इि कडिता में, िो मानडिय डशक्षा को कोिते हैं, जो उन्हें
एक मािम िॉप की जान मारनेको डििश कर देती हैं। एक िााँप गमी की तप्त दोपहर में, पानी की एक नाद पर पानी पीने के डलए
आता है। कडि बहुत िारे ििालों िे डघर जाता है कक मजबूर करता है, उिकी जान मारने के डलए ताद जब ये पानी पी लेता है और
लौिने का प्रयाि करता है। लेककन शीघ्र ही इि मारने के काम के बाद िह बहुत अफिोि करता है।[wp_ad_camp_3]
Summary of ‘My Grandmother’s House’

“My Grandmother’s House’ is written by an Indian poetess Kamala Das. Here, she describes the
deserted condition of her grandmother’s house and her own life. Her grandmother is no more. She finds
herself alone. She lacks love in her life. The present condition of the house is fearful. The poetess wants
to take from this place an armful of darkness at her house where she lives now. She wants to put this
darkness safely in her bedroom to recollect the memory of the past.
→माई ग्रैन्िमदिव हाउि
‘माई ग्रैन्िमदिव हाउि’ एक भारतीय कडियेत्री कमला दाि के द्वारा डलडखत है। यहााँ, िो अपने दादी मााँ के घर और खुद के जीिन की
िीरान डस्थडत का िणवन करती हैं। उनकी दादी अब रही नहीं। िो अपने आप को अके ला पाती है। उिके जीिन में प्रेम का अभात है।
उि घर की ितवमान डस्थडत इरािनी है। कडियेत्री इि घर िे बााँह भर कर अंधेरा अपने उि घर पर ले जाना चाहती है, जहााँ िो अब
डनिाि करती हैं। िो इि अंधेरै को िुरडक्षत अपने बेिरूम में रखना चाहती है। अपने बीते कदनों की यादों को िाथ रखने के िास्ते।
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